पटना: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के नेता सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन का पर्चा दाखिल किया। नामांकन के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप-मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव समेत भाजपा के कई नेता मौजूद रहे।

नामांकन का पर्चा दाखिल करने के बाद सुशील कुमार मोदी ने पार्टी के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को विशेष धन्यवाद देते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया, इसके लिए आभार और धन्यवाद है। उन्होंने इसके अलावा राजग के अन्य घटक दल के नेताओं -- बिहार के मुख्यमंत्री, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी और विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि राजग के सभी घटक दलों के विधायकों का समर्थन उन्हें प्राप्त है।

इस दौरान राजग के नेताओं ने 'विक्टरी साइन' दिखाते हुए जीत का दावा किया।

राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन भरने का अंतिम दिन 3 दिसंबर है। अगर जरूरत पड़ी तो 14 दिसंबर को राज्यसभा उपचुनाव के लिए वोटिंग होगी। वैसे, विपक्ष की ओर से अब तक किसी भी उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया है। राजग उम्मीदवार सुशील कुमार मोदी के खिलाफ महागठबंधन प्रत्याशी नहीं तय कर पाया है। संख्या बल के हिसाब से मोदी की जीत तय मानी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि लोजपा के संस्थापक और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी।

--आईएएनएस

एमएनपी-एसकेपी

 

गाजीपुर बॉर्डर (दिल्ली/उप्र): बुराड़ी, सिंघु और टीकरी बॉर्डर के साथ यूपी गेट पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए अब लंगर सेवा शुरू की गई है। किसानों का मानना है कि ये लड़ाई लंबी है। प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए बोर्डरों पर ही लंगर सेवा भी शुरू की गई है।

गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों, राहगीरों, पुलिसकर्मियों के लिए 24 घंटे लंगर की व्यवस्था की गई है। ये सारी व्यवस्था दिल्ली स्थित रकाबगंज गुरुद्वारे की ओर से की जा रही है। हालांकि प्रदर्शन करने आए किसान अपने साथ ट्रैक्टरों में खाना बनाने की पूरी व्यवस्था लेकर बॉर्डर पर पहुंचे हुए हैं।

लंगर सेवा गुरुद्वारे और किसानों के सहयोग से की जा रही है। साथ ही अन्य संस्थाओं द्वारा किसानों के खाने की व्यवस्था में मदद भी की जा रही है।

गाजीपुर बॉर्डर पर भी लोगों को लंगर खिलाया गया। वहीं इस लंगर में उत्तरप्रदेश के पुलिसकर्मी भी खाते हुए नजर आए। प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिसकर्मियों को बॉर्डर पर तैनात किया गया है। ताकि सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनी रहे।

हालांकि सिंघु बॉर्डर और निरंकारी मैदान में पंजाब से आए किसानों ने खाने की अस्थाई व्यवस्था कर ली है। वहीं जमीनों में गड्ढा खोद कर चूल्हा बनाया गया है जहां प्रदर्शनकारियों के लिए रोटियां सेकी जाती हैं।

उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल के साथ बुधवार सुबह से बैठक कर रहे हैं ताकि किसानों की मांगों को हल करने के लिए भविष्य के कदमों पर चर्चा की जा सके।

-- आईएएनएस

एमएसके-एसकेपी

 

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल के साथ बुधवार सुबह से बैठक का एक और दौर आयोजित कर रहे हैं ताकि किसानों की मांगों को हल करने के लिए भविष्य के कदमों पर चर्चा की जा सके। पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे शुरू हुई इस बैठक में गृहमंत्री को तोमर और गोयल ने विज्ञान भवन में किसान नेताओं के साथ मंगलवार को हुई बैठक से अवगत कराया। गुरुवार को 30 से अधिक यूनियनों के किसान नेताओं के साथ होने वाली चौथे दौर की वार्ता को लेकर सरकार की रणनीति भी बैठक में तैयार की जाएगी।

शाह, जिन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ अंतिम क्षण में मंगलवार की बैठक से दूर रहने का फैसला किया था, कृषि मंत्री तोमर और उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री गोयल के साथ मंगलवार की बैठक के दौरान किसानों संग हुई बातों और मांगों का जायजा लिया।

सूत्रों ने कहा कि शाह और उनके सहयोगी मंत्री सरकार की प्रतिक्रिया पर चर्चा करेंगे क्योंकि किसानों ने बैठक में किसान नेताओं द्वारा उठाए गए तीन विवादास्पद केंद्रीय कृषि बिलों और अन्य मुद्दों के अध्ययन और विश्लेषण के लिए एक समिति बनाने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।

यह पता चला है कि सरकार की मंशा गुरुवार की वार्ता में मुद्दों को हल करने की है।

बैठक की शुरुआत में शाह के सहयोगियों ने मंगलवार को 30 से अधिक किसान यूनियन नेताओं के एक समूह के साथ हुए तीन घंटे से अधिक लंबे संवाद पर प्रकाश डाला।

चूंकि मंगलवार की बैठक बेनतीजा रही, दोनों पक्षों के बीच चौथे दौर की वार्ता गुरुवार को होगी क्योंकि किसानों ने अपना विरोध जारी रखने और अपनी मांगों को पूरा नहीं होने तक आंदोलन तेज करने की घोषणा की है।

--आईएएनएस

वीएवी-एसकेपी

पणजी: विपक्ष के साथ-साथ विरासत संरक्षणवादियों के मुखर विरोध के कारण, गोवा सरकार शहरी योजना प्राधिकरण के तहत 17 वीं शताब्दी के पुराने गोवा चर्च परिसर में क्षेत्र को शामिल करने के अपने प्रस्तावित कदम से पीछे हट गई है। गोवा के ग्रेटर पणजी योजना और विकास प्राधिकरण के तहत पणजी के पास इला गांव, जो यूनेस्को विश्व विरासत धरोहर है, को शामिल करने के कदम की आलोचना हुई। आरोप लगाया गया कि यह चर्च परिसर के करीब ऊंची इमारतों के निर्माण की सुविधा प्रदान करेगा जो सेंट फ्रांसिस जेवियर को समर्पित है।

उप मुख्यमंत्री चंद्रकांत केवलकर ने बुधवार को कहा, "मैंने धार्मिक निकायों द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं को भी ध्यान में रखा है और मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी और धर्मस्थल की पवित्रता को बनाए रखने के लिए इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि कदंबा योजना क्षेत्र को और विस्तारित करने के प्रस्ताव को हटाने की जरूरत है।"

गोवा में सभी विपक्षी दलों, जिनमें कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड शामिल हैं, ने फैसले का विरोध किया था, यहां तक कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने भी इस कदम का समर्थन नहीं किया था।

चर्च परिसर का निर्माण 17 वीं शताब्दी में पूरा हुआ। हर साल, सैकड़ों पर्यटक चर्च परिसर में आते हैं, जो पणजी से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित है।

बेसिलिका ऑफ बोम जीसस परिसर की प्रमुख धरोहर इमारत है।

--आईएएनएस

वीएवी-एसकेपी

 

मुबंई/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ नगर निगम के म्युनिसिपल बॉन्ड की बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में लिस्टिंग हो गई। उत्तर भारत के किसी नगर निगम द्वारा पहली बार किए गए इस प्रयास को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक नए युग की शुरूआत बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा प्रदेश और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का राज्य उत्तर प्रदेश अपने नागरिकों के जीवन स्तर में विकास, हर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सतत काम कर रहा है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' की राष्ट्रीय स्तर की हालिया रैंकिंग में उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्ष के प्रदर्शन से आगे निकलते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग निवेशकों, उद्यमियों और उद्योग जगत के विश्वास का ही प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को साकार करने की धुरी बनेगा। बुधवार को बीएसई के हेरिटेज हॉल में आयोजित रिंगिंग बेल सेरेमनी में मुख्यमंत्री ने परंपरानुसार बेल बजाकर लखनऊ नगर निगम का म्युनिसिपल बॉन्ड जारी किया।

मुख्यमंत्री योगी ने इस मौके पर कहा कि कोरोना के इस कालखंड में, लखनऊ नगर निगम 200 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बॉन्ड की लिस्टिंग के साथ आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। निगम का यह प्रयास न केवल लखनऊ वासियों को बेहतर अवस्थापना सुविधाएं देने के लिए वित्तीय जरूरतों को पूरा करने वाला होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य नगर निगमों को भी इस दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। तमाम उद्यमियों, निवेशकों, बीएसई के अधिकारियों व अनेक गणमान्य जनों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ के बाद अब अतिशीघ्र गाजियाबाद नगर निगम भी बीएसई में अपने म्युनिसिपल बांड की लिस्टिंग कराएगा।

योगी ने कहा कि निवेशकों की रुचि के कारण ही यह बांड ओवर सब्सक्राइब हुआ। साढ़े चार गुना अधिक ओवर सब्सक्रिप्शन मिलना, शानदार है। यह हमें और बेहतर करने को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगमों की कार्यपद्धति में आमूल चूल परिवर्तन के लिए आज का कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। लखनऊ नगर निगम का यह म्युनिसिपल बांड, न केवल यूपी में नगर निगमों की कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार का प्रतीक है, बल्कि जनता के प्रति नगरीय निकायों की प्रतिबद्धता का परिचायक भी है। बांड के माध्यम से निकायों में प्रशासनिक और वित्तीय सुधार सम्भव हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम यूपी की एमएसएमई इकाइयों को एनएसई और बीएसई में लिस्टिंग के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। अब तक 15 इकाइयों ने बीएसई में लिस्टिंग कर अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कदम उठाया है।

सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियां निवेशोंमुखी हैं। हम निवेशकों की सरलता और सुगमता के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से हाल के समय में उत्तर प्रदेश में निवेशकों की जरूरतों और अपेक्षाओं का यथोचित समाधान हो रहा है।

योगी ने बताया कि यूपी इन्वेस्टर समिट में उद्योग जगत की ओर से यूपी को आशातीत सहयोग मिला। यह प्रयास सतत जारी रहेगा। अब यूपी में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना हो रही है, जो देश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में ग्लोबल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा। इस मौके पर लखनऊ नगर निगम की मेयर संयुक्ता भाटिया, उप्र सरकार के मंत्री सतीश महाना, सिद्धार्थ नाथ सिंह, आशुतोष टंडन, सरकार के वरिष्ठ अधिकारी नवनीत सहगल, अवनीश अवस्थी, संजय प्रसाद, मुत्थु स्वामी, नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने बीएसई की 25 वी मंजिल से विहंगम मुम्बई का नजारा और जीवंत ट्रेडिंग को भी देखा। शेयर मार्केट के इतिहास को भी जाना। बीएसई के प्रतीक बुल के साथ फोटो भी खिंचवाई।

--आईएएनएस

विकेटी-एसकेपी

हाजीपुर (बिहार): विश्व प्रसिद्व सोनपुर मेला भी इस साल कोरोना की भेंट चढ़ गया। कार्तिक पूर्णिमा के बाद एक महीने तक मनोरंजन कार्यक्रमों और देशी-विदेशी पर्यटकों से गुलजार रहने वाला विश्वप्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मेला परिसर में इस साल वीरानगी छाई हुई है। इस साल यहां न पशुओं की खरीद बिक्री के लिए पशु व्यापारी पहुंचे, ना ही मनोरंजन कार्यक्रम के कद्रदान और कलाकार ही पहुंचे हैं।

इससे पहले राजगीर का मलमास मेला और गया का विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला भी कोरोना की भेंट चढ़ चुका है।

इस मेले के प्रारंभ होने का लिखित इतिहास तो कहीं नहीं मिलता, लेकिन स्थानीय बुजुर्गों और जानकारों का कहना है कि यह पहला मौका है जब मेला नहीं लगा है। ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल सोनपुर मेले को लेकर पुस्तक लिख चुके और सोनुपर निवासी वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र मानपुरी कहते हैं कि इतिहास में यह मेला कभी बंद नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, 50 के दशक में एक मौका आया था, जब लगा था कि मेला बंद हो जाएगा, लेकिन तब भी मेला लगा था। लोगों और दुकानदारों की उपस्थिति कम थी। लोग पहुंचे थे। मेले में रौनक कम थी। यह पहला मौका है जब मेला नहीं लगा है और मेला परिसर वीरान है।

प्रत्येक साल कार्तिक पूर्णिमा (नवंबर-दिसंबर) के दिन से प्रारंभ होकर एक महीने तक लगने वाला यह मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है। यह मेला भले ही पशु मेला के नाम से विख्यात है, लेकिन कहा जाता है कि इस मेले की खासियत यह है कि यहां सूई से लेकर हाथी तक की खरीददारी आप कर सकते हैं।

इससे भी बड़ी बात यह कि मॉल कल्चर के इस दौर में बदलते वक्त के साथ इस मेले के स्वरूप और रंग-ढंग में बदलाव जरूर आया, लेकिन इसकी सार्थकता आज भी बनी हुई है।

कहा जाता है कि इस मेले में कभी अफगान, इरान, इराक जैसे देशों के लोग पशुओं की खरीददारी करने आया करते थे। चंद्रगुप्त मौर्य ने भी इसी मेले से बैल, घोड़े, हाथी और हथियारों की खरीददारी की थी।

1857 की लड़ाई के लिए बाबू वीर कुंवर सिंह ने भी यहीं से अरबी घोड़े, हाथी और हथियारों का संग्रह किया था। अब भी यह मेला एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है। देश-विदेश के लोग अब भी इसके आकर्षण से बच नहीं पाते हैं और यहां खिंचे चले आते हैं।

अंग्रेजों के जमाने में हथुआ, बेतिया, टेकारी तथा दरभंगा महाराज की तरफ से सोनपुर मेला के अंग्रेजी बाजार में नुमाइशें लगाई जाती थीं। बहुमूल्य सामग्रियों में सोने, चांदी, हीरों और हाथी के दांत की बनी वस्तुएं तथा दुर्लभ पशु-पक्षी का बाजार लगता था।

इस मेले को लेकर एक पौराणिक कथा भी जुड़ी हुई है। मान्यता है कि भगवान के दो भक्त हाथी (गज) और मगरमच्छ (ग्राह) के रूप में धरती पर उत्पन्न हुए। कोणाहारा घाट पर जब गज पानी पीने आया तो उसे ग्राह ने मुंह में जकड़ लिया और दोनों में युद्ध शुरू हो गया। कई दिनों तक युद्ध चलता रहा। इस बीच गज जब कमजोर पड़ने लगा तो उसने भगवान विष्णु से प्रार्थना की। भगवान विष्णु ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुदर्शन चक्र चलाकर दोनों के युद्ध को खत्म कराया। इसी स्थान पर दो जानवरों का युद्ध हुआ था, इस कारण यहां पशु की खरीददारी को शुभ माना जाता है। इसी स्थान पर हरि (विष्णु) और हर (शिव) का हरिहर मंदिर भी है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों भक्त श्रद्धा से पहुंचते हैं।

इस मेले में नौटंकी, पारंपरिक संगीत, नाटक, मैजिक शो, सर्कस जैसी चीजें भी लोगों के मनोरंजन के लिए होती हैं।

--आईएएनएस

एमएनपी-एसकेपी

श्रीनगर: कश्मीर में बुधवार को रात के दौरान तापमान हिमांक से नीचे दर्ज किया गया। वहीं मौसम विभाग ने जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में शनिवार तक शुष्क और ठंडे मौसम का अनुमान लगाया है। सुबह की कड़ाके की ठंड ने बुधवार को ज्यादातर कश्मीरियों को घर के अंदर रहने पर मजबूर कर दिया। वहीं बादलों के बीच निकले सूरज की हल्की किरणों के बीच लोगों ने अपना काम शुरू किया।

कश्मीर में 'चिल्लई कलां' नामक कड़ाके की ठंड की 40 दिनों की लंबी अवधि 21 दिसंबर से शुरू होती है और 31 जनवरी को समाप्त होती है।

इस अवधि के दौरान भारी बर्फबारी के कारण घाटी के लगभग सभी बड़े और छोटे जलस्रोत जम जाते हैं और कश्मीर के बारहमासी जल जलाशय भर जाते हैं।

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों ही केंद्र शासित प्रदेशों में न्यूनतम तापमान हिमांक से नीचे दर्ज किया गया। अधिकारी ने कहा, "शुष्क और ठंडे मौसम की स्थिति 5 दिसंबर तक जारी रहने की संभावना है। 6 दिसंबर से जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख, दोनों ही केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश और हिमपात की संभावना है।"

श्रीनगर में शून्य से 1.0, पहलगाम में शून्य से 2.3 और गुलमर्ग में शून्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। लद्दाख के लेह शहर में रात का न्यूनतम तापमान शून्य से 7 और कारगिल में शून्य से 4.3 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।

वहीं जम्मू शहर का न्यूनतम तापमान 9.7, कटरा 10.7, बटोट 7.1, बनिहाल 3.6 और भद्रवाह का तापमान 3.7 दर्ज किया गया।

--आईएएनएस

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपनी पत्नी साधना सिंह के नाम से एक कविता साझा करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है और सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री चौहान ट्रोल हो रहे हैं क्योंकि एक युवती भूमिका बिरथरे ने यह कविता लिखने का दावा किया है। मुख्यमंत्री चौहान के ससुर और साधना सिंह के पिता घनश्याम दास मसानी का पिछले दिनों निधन हुआ था। इसके बाद 22 नवंबर को चौहान ने अपने ट्विटर पर एक कविता साझा की, जिसे उन्होंने अपनी धर्मपत्नी साधना सिंह द्वारा लिखा बताया। चौहान ने लिखा था, पिता और पुत्री का रिश्ता दुनिया में सबसे अनमोल रिश्ता होता है। यह ऐसा रिश्ता है, जिसमें कोई शर्त नहीं होती, यह बिल्कुल निस्वार्थ होता है। पुत्री, पिता के सबसे करीब और पिता का अभिमान भी होती है। एक बेटी को सबसे ज्यादा प्यार और गर्व अपने पिता पर होता है।

उन्होने आगे लिखा, मेरी धर्मपत्नी ने स्व. बाबू जी के पुण्य स्मरण और जीवटता को कुछ पंक्तियों में पिरोया है, जिसके कंधे पर बैठकर घूमा करती थी, उसे कंधा देकर आयी हूं। उसके माथे को चूमकर, जिंदगी की नसीहतें लेकर आयी हूं।

भूमिका बिरथरे ने कहा कि यह कविता उन्होंने लिखी है। साथ ही ट्वीट कर लिखा कि कविता का श्रेय उन्हें दिया जाना चाहिए। इस कविता में उन्होंने 'डैडी' का जिक्र किया था न कि बाबूजी, बाउजी का। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, मैं आपकी भांजी हूं। आपको मेरी कविता चुराकर क्या मिलेगा। ये कविता मेरे द्वारा लिखी गई है। उम्मीद है आप मेरे अधिकारों का हनन नहीं करेंगे। मामा तो अधिकारों की रक्षा के लिए होते हैं।

इसके बाद से तरह-तरह के कमेंटस आ रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव का कहना है कि, भाजपा नाम बदलने में माहिर है। यह बात एक बार फिर उजागर हो गई, पहले कांग्रेस की योजनाओं के नाम बदलते थे, फिर शहरों के नाम बदलने लगे और अब तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दूसरों की लिखी हुई कविताओं को भी अपनी धर्मपत्नी की लिखी हुई कविता बताने लगे हैं। वाह शिवराज जी वाह।

इसी तरह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.के. मिश्रा ने कहा, शिवराज जी, हालांकि यह मसला आपके पूज्य ससुर साहब के दु:खद अवसान व संवेदनाओं से जुड़ा है किंतु आपकी कोई भांजी के ट्वीट ने आपकी विश्वसनीयता, कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है! ऐसे दु:खद अवसरों पर भी ऐसा नहीं होना चाहिये?

--आईएएनएस

एसएनपी-एसकेपी

हैदराबाद: तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में बुधवार को एक बोरवेल लॉरी के साथ एक कार की टक्कर में एक ही परिवार के 6 सदस्य मारे गए, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। हादसा हैदराबाद से करीब 50 किलोमीटर दूर हैदराबाद-बीजापुर राजमार्ग पर चेवेल्ला मंडल में मलकापुर गेट के पास हुआ।

पुलिस के मुताबिक, सभी पीड़ित हैदराबाद के ताड़बुन इलाके के रहने वाले एक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वे कर्नाटक के गुर्मित्कल जा रहे थे।

पुलिस ने कहा कि इनोवा वाहन जिसमें एक ही परिवार के 11 सदस्य थे, ने वाहन को ओवरटेक करने की कोशिस की लेकिन इस प्रक्रिया में विपरीत दिशा से आ रहे बोरवेल वाहन से टकरा गए।

मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन में बुरी तरह से फंसे शवों को नकिाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

मृतकों की पहचान आसिफ खान (50), नाजिया बेगम (45), सानिया (18), अर्शा (28), नाजिया बानू (36) और छह साल की एक लड़की के रूप में की गई।

पांच अन्य घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए हैदराबाद के एक अस्पताल में भेज दिया गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए चेवेल्ला के एक सरकारी अस्पताल में ले जाया गया।

दुर्घटना के कारण हैदराबाद-बीजापुर राजमार्ग पर दो किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम हो गया। पुलिस ने बाद में सड़क को साफ करने के लिए मलबा हटाया।

पुलिस के अनुसार, हैदराबाद का परिवार नाजिया बेगम के इलाज के लिए गुर्मित्कल जा रहा था, जिसे लकवा का दौरा पड़ा था।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि तेज रफ्तार और कोहरे दोनों वाहनों के बीच टक्कर का कारण हो सकता है।

--आईएएनएस

वीएवी

गाजीपुर बॉर्डर (दिल्ली/उप्र): गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान अब अपने साथ जानवर (गाय) लेकर पहुंच गए हैं। मंगलवार को सरकार से बातचीत बेनतीजा रहने पर किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। पिछले 6 दिनों से चल रहा किसान आंदोलन बुधवार को 7वें दिन भी थमता नहीं दिख रहा है। गाजीपुर बॉर्डर पर आए किसानों ने अपने घरों से जानवरों को बुला लिया है और अपने साथ इस प्रदर्शन में शामिल कर लिया है। किसान जानवरों को लखीमपुर खीरी और उत्तराखंड से ले कर आए हैं। उनका कहना है कि अभी दो ही जानवरों को लाया गया है, और जानवर आने वाले हैं।

पुलिस प्रशासन द्वारा लगाए गए बेरिगेड पर इन जानवरों को बांध दिया गया है और वहीं जानवरों के खाने की व्यवस्था भी की गई है।

किसानों का कहना है कि इस प्रदर्शन की वजह से जानवरों को घरों में अकेला छोड़ नहीं सकते। जानवरों को चारा डालने में समस्या आ रही थी। वहीं अब बॉर्डर पर ही इन जानवरों की देखरेख करेंगे।

किसानों का कहना है अभी हम दो जानवर ले कर आए हैं। और जानवर आएंगे और यही रहेंगे, जिसमें गाएं भी शामिल हैं।

किसानों के प्रदर्शन के चलते दिल्ली की ओर आने वाले सभी बोर्डरों पर जगह जगह जाम की स्थिति बनी हुई है।

-- आईएएनएस

एमएसके-एसकेपी

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